Mar 20, 2026
Harshit Kukreja

कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से हो सकती है सेक्स लाइफ में दिक्कतें

छाती पर हाथ रखता चिंतित पुरुष - कोलेस्ट्रॉल से हृदय और सेक्स लाइफ पर असर

डॉ. हर्षित कुकरेजा
Co-Founder, Raaz
Ex-डॉक्टर: दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल, दिल्ली

परिचय

हम अक्सर लोगों को कोलेस्ट्रॉल की समस्या के बारे में बात करते हुए सुनते हैं। मोटापा, हृदय रोग और हाइपरटेंशन से पीड़ित लोग इसको लेकर बहुत चिंतित रहते हैं। पर क्या आपको पता है कोलेस्ट्रॉल का असर आपके सेक्स लाइफ पर भी पड़ सकता है ? इसकी वजह से इरेक्शन प्रॉब्लम्स और सेक्स ड्राइव में कमी जैसे गुप्त रोग हो सकते हैं। आज के ब्लॉग में हम जानेंगे कोलेस्ट्रॉल क्या है, सेक्स लाइफ पर इसका असर कैसे पड़ता है और इससे बचाव के क्या तरीके हैं।

कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) क्या है ?

कोलेस्ट्रॉल हमारे शरीर में पाया जाने वाला वसा या मोम जैसा एक पदार्थ है जो कोशिका झिल्ली (Cell Membrane), हार्मोन्स और विटामिन डी बनाने में मदद करता है। शरीर को कोलेस्ट्रॉल दो स्रोतों से मिलता है : हम जो खाना खाते हैं और लिवर। हमारा लिवर शरीर के लिए जरूरी सभी कोलेस्ट्रॉल बनाता है। कोलेस्ट्रॉल हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है पर शरीर में इसकी मात्रा बढ़ने से गुप्त रोग सहित कई तरह की बीमारियाँ हो सकती हैं। कोलेस्ट्रॉल मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं : लो-डेंसिटी लिपोप्रोटीन (Low-Density Lipoproteins) यानी LDL और हाई-डेंसिटी लिपोप्रोटीन (High-Density Lipoproteins) यानी HDL। एलडीएल को अक्सर "खराब" और एचडीएल को "अच्छा" कोलेस्ट्रॉल कहा जाता है।

स्वस्थ और ब्लॉक धमनी की तुलना - एथेरोस्क्लेरोसिस से इरेक्शन प्रॉब्लम

शरीर में कितना कोलेस्ट्रॉल होना स्वस्थ है ?

  • टोटल कोलेस्ट्रॉल: 200 mg/dL या उससे कम

  • एलडीएल कोलेस्ट्रॉल : 100 mg/dL या उससे कम

  • एचडीएल कोलेस्ट्रॉल: 50 mg/dL या उससे अधिक

कोलेस्ट्रॉल का सेक्स लाइफ पर प्रभाव

खिड़की से बाहर देखता चिंतित पुरुष - कोलेस्ट्रॉल से लिंग की कमजोरी का तनाव

कोलेस्ट्रॉल को अक्सर मोटापा, हाइपरटेंशन और हृदय रोग से जोड़ा जाता है पर हमारे सेक्स लाइफ पर इसके प्रभाव को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।

  • इरेक्शन प्रॉब्लम होने के सबसे आम कारणों में से एक है एथेरोस्क्लेरोसिस (Atherosclerosis)। इसकी वजह से धमनियां कठोर और सँकरी हो जाती हैं जिससे शरीर में खून के बहाव में बाधा पहुँचती है और लिंग को इरेक्शन प्राप्त करने और बनाए रखने के लिए पर्याप्त खून नहीं मिल पाता। एथेरोस्क्लेरोसिस कई कारणों से हो सकता है जिसमें कोलेस्ट्रॉल मुख्य है। ऐसा इसलिए कि कोलेस्ट्रॉल धमनियों में जमा होकर उनको सँकरा कर देता है।

  • रिसर्च के अनुसार इरेक्शन प्रॉब्लम और कोलेस्ट्रॉल में सीधा सम्बन्ध भी है। इस वजह से इरेक्शन प्रॉब्लम के इलाज के लिए कोलेस्ट्रॉल कम करने वाली दवाओं का उपयोग किया जा सकता है।

  • हाई कोलेस्ट्रॉल लेवल शरीर को खून में नाइट्रिक ऑक्साइड रिलीज़ करने से रोकता है। नाइट्रिक ऑक्साइड लिंग के टिश्यू को रिलैक्स करता है जिससे खून के बहाव में आसानी होती है जिससे इरेक्शन बन पाता है। इसकी कमी से सेक्स के दौरान इरेक्शन की समस्या हो सकती है।

  • हाई कोलेस्ट्रॉल शरीर में टेस्टोस्टेरोन के उत्पादन को भी प्रभावित करता है। टेस्टोस्टेरोन पुरुषों के हेल्दी सेक्स लाइफ के लिए बहुत जरूरी हॉर्मोन है। इसकी कमी से सेक्स करने की इच्छा में कमी आ सकती है।

कोलेस्ट्रॉल कैसे कम करें ?

कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए सही उपचार और दवाओं के लिए डॉक्टर से जरूर परामर्श करें। अगर आपने अपने कोलेस्ट्रॉल लेवल का जांच कराया है और इसकी वजह से आपको इरेक्शन प्रॉब्लम या सेक्स ड्राइव में कमी या दोनों महसूस हो रही हो तो Men's Test लें और अपने इलाज के लिए सही गाइडेंस प्राप्त करें।

आप खानपान और जीवनशैली में कुछ जरूरी बदलाव कर कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल सकते हैं। पर हमेशा याद रखें, यह डॉक्टर द्वारा इलाज का विकल्प बिल्कुल नहीं है। डॉक्टर आपकी स्थिति की जांच कर आपके लिए विशेष डाइट चार्ट बना सकते हैं और कुछ विशेष एक्सरसाइज करने से मना कर सकते हैं। पर हम यहाँ उन चीजों पर चर्चा कर रहे हैं जिसकी डॉक्टर आमतौर पर सलाह देते हैं।

कोलेस्ट्रॉल कम करने की डाइट

ज्वार बाजरा रागी साबुत अनाज - कोलेस्ट्रॉल कम करने की हाई फाइबर डाइट
  • अपने वसा के स्रोतों पर ध्यान दें : आहार में वसा को दैनिक कैलोरी के एक तिहाई से अधिक न रखें और सैचुरेटेड फैट को कम करें या उससे बचें। सैचुरेटेड फैट घी, चर्बी, डेयरी और प्रोसेस्ड फूड में पाया जाता है और यह एलडीएल को बढ़ाता है और एचडीएल को कम करता है। हाइड्रोजनीकृत तेल जैसे वनस्पति घी और तले हुए खाद्य पदार्थों में पाए जाने वाले ट्रांस फैट से भी बचें। इसके बजाय नट्स, बीज और जैतून के तेल जैसे स्वास्थ्यवर्धक अनसैचुरेटेड फैट पर ध्यान दें।

  • कोलेस्ट्रॉल वाले खाद्य पदार्थों को सीमित करें: प्रतिदिन 200 मिलीग्राम से कम कोलेस्ट्रॉल का सेवन करें। ज्यादा चर्बी वाले मांस, लिवर और अन्य अंग और अंडे की जर्दी जैसे खाद्य पदार्थों में में हाई कोलेस्ट्रॉल पाया जाता है। इनसे दूरी बनाएं।

  • खूब फल और सब्जियाँ खायें: फलों और सब्जियों में ऐसे तत्व पाये जाते हैं जो कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद कर सकते हैं। फलों में पाया जाने वाला पेक्टिन भी कोलेस्ट्रॉल को 10% तक कम कर सकता है।

  • भरपूर मात्रा में फाइबर खाएं: फाइबर कोलेस्ट्रॉल को पाचन तंत्र द्वारा अवशोषित होने से रोकता है जिससे अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल खून तक नहीं पहुंच पाता। कुछ हाई फाइबर वाले खाद्य पदार्थों हैं : साबुत अनाज, जई, सेब और केले जैसे फल, और सेम, दाल और चना।

  • ओमेगा-3 फैटी एसिड वाले खाद्य पदार्थ खाएं: ये आपके एलडीएल को तो कम नहीं करते पर आपके एचडीएल को बढ़ा सकते हैं। एचडीएल कोलेस्ट्रॉल को अवशोषित कर उसे वापस लिवर में ले जाता है। कुछ हाई ओमेगा-3 खाद्य पदार्थ हैं: सैल्मन, ट्यूना, चिया बीज, अलसी के बीज, अखरोट और सोयाबीन।

कोलेस्ट्रॉल कम करने की एक्सरसाइज

पेल्विक फ्लोर एक्सरसाइज करता पुरुष - कोलेस्ट्रॉल कम कर बेहतर सेक्स हेल्थ

कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए नियमित रूप से किसी न किसी तरह की फिजिकल एक्टिविटी में शामिल होना बहुत जरूरी है। प्रतिदिन कम से कम आधा घंटा एक्सरसाइज करें। अगर आपका वजन ज्यादा है तो इसे कम करने का प्रयास करें। अपने बीएमआई यानी बॉडी मास इंडेक्स (Body mass index) को 25 से नीचे करने या रखने की कोशिश करें। हम यहाँ कोलेस्ट्रॉल घटाने के लिए कुछ अच्छे एक्सरसाइज विकल्प के बारे में बता रहे हैं। कोई भी एक्सरसाइज करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर करें।

  • ब्रिस्क वॉक (Brisk walk)

  • जॉगिंग (Jogging)

  • तैराकी (Swimming)

  • साइकिलिंग (Cycling)

निष्कर्ष

कोलेस्ट्रॉल हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है लेकिन शरीर में इसकी मात्रा बढ़ने से मोटापा, हृदय रोग और हाइपरटेंशन सहित इरेक्शन प्रॉब्लम्स और सेक्स ड्राइव में कमी जैसे गुप्त रोग भी हो सकते हैं। पर डॉक्टर से उपचार करा कर और साथ ही साथ अपने खानपान और जीवनशैली में कुछ बदलाव कर इस पर काबू पाया जा सकता है। अगर आपको हाई कोलेस्ट्रॉल है और इसकी वजह से सेक्स प्रॉब्लम्स से जूझ रहे हैं तो हमारा Men's Test लें — यह AI-powered टेस्ट सिर्फ 2 मिनट में आपकी समस्या, उसकी गंभीरता और संभावित कारण पहचान लेता है और आपके लिए 20 दिन का एक ट्रीटमेंट प्लान तैयार करता है। इसके बाद हमारे स्पेशलिस्ट डॉक्टर आपसे बात करके इस प्लान को आपकी ज़रूरत के हिसाब से customize करते हैं और दवा सीधे आपके घर भेजी जाती है। साथ ही, आपका पर्सनल हेल्थ कोच पूरे सफ़र में आपकी प्रोग्रेस ट्रैक करता है और आपका साथ देता है।

Updated March 23, 2026

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