Mar 20, 2026
Harshit Kukreja

ये 6 चीज़ें हो सकती हैं टेस्टोस्टेरोन (Testosterone) की कमी का संकेत

10% बैटरी - टेस्टोस्टेरोन की कमी से ऊर्जा और थकान का रूपक

डॉ. हर्षित कुकरेजा
Co-Founder, Raaz
Ex-डॉक्टर: दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल, दिल्ली

परिचय

क्या आपको सेक्स के दौरान इरेक्शन बनाये रखने में परेशानी होती है? क्या आपकी सेक्स करने की इच्छा पहले के मुकाबले कम होती जा रही है? क्या आपको हमेशा थकान महसूस होती है? अगर इनमें से किसी भी सवाल का जवाब हाँ है तो हो सकता है आप में टेस्टोस्टेरोन की कमी हो। शरीर में इस हार्मोन का सही लेवल बनाए रखना बहुत जरूरी है। इसकी कमी से और भी समस्याएं हो सकती हैं जिसके बारे में आगे चर्चा करेंगे।

टेस्टोस्टेरोन क्या है? टेस्टोस्टेरोन (Testosterone) हमारे शरीर में पाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण हार्मोन है जो मर्दाना ताकत, मांसपेशियों और हड्डियों के घनत्व और सेक्स एक्टिविटी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। शरीर में इसका लेवल असंतुलित होने से पुरुषों में यौन स्वास्थ्य के अलावा थकान, मोटापा के साथ-साथ चिंता और अवसाद जैसी मानसिक समस्याएं भी हो सकती हैं। इसीलिए सम्पूर्ण स्वास्थ्य बनाये रखने के लिए अपने टेस्टोस्टेरोन लेवल का ध्यान रखना बहुत जरूरी है।

टेस्टोस्टेरोन की कमी से होने वाली समस्याएं

सेक्स ड्राइव में कमी (Low sex drive)

खाली फ्यूल गेज - टेस्टोस्टेरोन की कमी से स्टैमिना और ऊर्जा में गिरावट

सेक्स ड्राइव बनाए रखने में टेस्टोस्टेरोन हॉर्मोन ही सबसे ज्यादा जिम्मेदार होता है। बढ़ती उम्र के साथ पुरुषों में इस हार्मोन का उत्पादन कम होता जाता है। हालाँकि यह कम उम्र के पुरुषों में भी हो सकता है। शरीर में यह हॉर्मोन कम होने से सेक्स करने की इच्छा घटने लगती है।

ऊर्जा में कमी और थकान

टेस्टोस्टेरोन लेवल कम होने से पुरुषों में हर समय थकान का अनुभव होता है। उनका उत्साह भी कम हो जाता है और मोटिवेशन की कमी के कारण दैनिक जीवन के कार्यों में मन नहीं लगता।

इरेक्शन प्रॉब्लम (Erection problems due to low testosterone)

पिचका गुब्बारा - टेस्टोस्टेरोन कमी से स्तंभन दोष का रूपक

टेस्टोस्टेरोन की कमी से एथेरोस्क्लेरोसिस (Atherosclerosis) होने की सम्भावना बढ़ जाती है। एथेरोस्क्लेरोसिस में धमनियां कठोर और सँकरी हो जाती हैं जिससे शरीर में खून के बहाव में बाधा पहुँचती है और लिंग को इरेक्शन प्राप्त करने और बनाए रखने के लिए पर्याप्त रक्त आपूर्ति नहीं मिल पाती है। इस स्थिति को स्तम्भन दोष कहा जाता है।

मोटापा और मांसपेशियों में कमी (Obesity and decreased muscle mass)

टेस्टोस्टेरोन शरीर में मांसपेशियों को बनाये रखने और वसा (Fat) के रेगुलेशन में बड़ी भूमिका निभाता है। इसकी कमी होने से मांसपेशियां (muscles) कम होने लगती हैं और अच्छा और सुडौल बॉडी बनाये रखना मुश्किल हो जाता है। इसके साथ ही, पेट के आस पास चर्बी बढ़ने लगती है जिससे शरीर की बनावट बिगड़ जाती है और मोटापे को समस्या होने लगती है।

हड्डियों के घनत्व में कमी (Low bone density)

टेस्टोस्टेरोन हड्डियों में मिनरल डेंसिटी को भी रेगुलेट करता है। उम्र बढ़ने के साथ पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन का स्तर गिरने लगता है जिसका असर उनके बोन डेंसिटी पर भी पड़ता है।डेंसिटी घटने से हड्डियों में फ्रैक्चर होने का खतरा बढ़ जाता है।

लिंग में टेढ़ापन या पेरोनी रोग (Peyronie's disease)

सूखा मुरझाया फूल - टेस्टोस्टेरोन की कमी से लिंग की कमजोरी का रूपक

एक शोध के अनुसार उम्र ढलने के साथ पुरुषों में पेरोनी रोग भी हो सकता है। इसे पेनाइल फाइब्रोसिस (Penile fibrosis) भी कहा जाता है। इस बीमारी में लिंग की त्वचा के अंदरूनी हिस्सों में स्कार टिश्यू (scar tissue) या प्लाक बन जाता है जिसकी वजह से इरेक्शन के दौरान लिंग टेढ़ा हो जाता है या मुड़ जाता है जिससे सेक्स के दौरान लिंग में दर्द का अनुभव हो सकता है।

टेस्टोस्टेरोन बढ़ाने के सुरक्षित तरीक़े

अगर आपको ऊपर बताई गयी टेस्टोस्टेरोन की कमी संबंधित कोई भी समस्या है तो राज़ पर डॉक्टर से परामर्श कर अपने टेस्टोस्टेरोन लेवल की जांच करवाएं। अगर टेस्टोस्टेरोन की कमी की वजह से आपको इरेक्शन प्रॉब्लम है या सेक्स करने की इच्छा नहीं होती तो डॉक्टर द्वारा परामर्श के बाद आगे बताई गई दवाएं दी जाती है:

राज़ MD सप्लीमेंट रेंज - टेस्टोस्टेरोन बढ़ाने का सुरक्षित इलाज

हालाँकि बढ़ती उम्र के साथ शरीर में टेस्टोस्टेरोन का लेवल कम होना स्वाभाविक है पर कुछ तरीके अपनाकर इसे नियंत्रित किया जा सकता है। ध्यान रहे, कोई भी तरीका अपनाने से पहले डॉक्टर से सलाह कर लें। टेस्टोस्टेरोन बढ़ाने के कुछ ऐसे भी तरीके हैं जो स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हो सकते हैं। नीम-हकीमों, हर्बल और होम्योपैथिक उपचारों से बचें। यहाँ कुछ मुख्य उपाय बताये गए हैं पर टेस्टोस्टेरोन बढ़ाने की पूरी गाइडेंस के लिए हमारा यह ब्लॉग पढ़ें।

टेस्टोस्टेरोन इंजेक्शन (Testosterone Injection)

टेस्टोस्टेरोन इंजेक्शन - डॉक्टर की निगरानी में सुरक्षित उपचार

यह इंजेक्शन बहुत सुरक्षित है पर हमेशा डॉक्टर की सलाह और निगरानी में ही लें। असुरक्षित रूप से लेने पर हार्मोन के स्तर में असंतुलन और प्रजनन संबंधी समस्यायें हो सकती हैं।

नियमित व्यायाम करें

योगासन करता पुरुष - व्यायाम से टेस्टोस्टेरोन बढ़ाने का तरीका

नियमित रूप से व्यायाम करने से शरीर में टेस्टोस्टेरोन का उत्पादन बढ़ता है। आप अपने व्यायाम में ब्रिस्क वॉक, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग जैसे की पुश-अप, उठक-बैठक शामिल कर सकते हैं।

स्वस्थ वजन बनाए रखें

हार्मोनल संतुलन के लिए एक स्वस्थ वजन हासिल करना और उसे बनाए रखना बहुत जरूरी है। शरीर की अतिरिक्त चर्बी, विशेष रूप से पेट के आसपास, एस्ट्रोजेन के स्तर को बढ़ा सकती है और टेस्टोस्टेरोन के स्तर को कम कर सकती है।

स्वस्थ आहार अपनायें

संतुलित आहार सब्जियां मछली नट्स - टेस्टोस्टेरोन बढ़ाने की डाइट

हमेशा संतुलित आहार लें। High Sugar यानी ज़्यादा चीनी और प्रोसेस्ड फ़ूड से परहेज करें। इस प्रकार के आहार से इंसुलिन प्रतिरोध और मोटापा हो सकता है जो टेस्टोस्टेरोन के स्तर को कम कर सकता है।

निष्कर्ष

डॉक्टर प्रिस्क्रिप्शन लिखता हुआ - टेस्टोस्टेरोन जांच और इलाज

बढ़ती उम्र या अन्य कारणों से शरीर में टेस्टोस्टेरोन का लेवल कम हो सकता है। इसकी वजह से लिंग में टेढ़ापन, इरेक्शन प्रॉब्लम्स, सेक्स करने की इच्छा में कमी जैसी सेक्स समस्याएं हो सकती हैं। टेस्टोस्टेरोन बढ़ाने के कई तरीके उपलब्ध हैं। अपनी जीवनशैली में कुछ बदलाव कर या डॉक्टर से सलाह लेकर इसे नियंत्रित किया जा सकता है। अगर आप टेस्टोस्टेरोन की कमी से होने वाली सेक्स समस्यायों से जूझ रहे हैं तो हमारा Men's Test लें — यह AI-powered टेस्ट सिर्फ 2 मिनट में आपकी समस्या, उसकी गंभीरता और संभावित कारण पहचान लेता है और आपके लिए 20 दिन का एक ट्रीटमेंट प्लान तैयार करता है। इसके बाद हमारे स्पेशलिस्ट डॉक्टर आपसे बात करके इस प्लान को आपकी ज़रूरत के हिसाब से customize करते हैं और दवा सीधे आपके घर भेजी जाती है। साथ ही, आपका पर्सनल हेल्थ कोच पूरे सफ़र में आपकी प्रोग्रेस ट्रैक करता है और आपका साथ देता है।

Updated March 23, 2026

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